“जी राम जी,बोलने को लेकर कांग्रेस कर रही सत्याग्रह-
कांग्रेस का आरोप बीजेपी महात्मा गांधी का नाम मिटाने का कर रही है प्रयास-
मनरेगा को लेकर गरीब परिवारों के जीवन के साथ कर रही है खिलवाड़-
40 प्रतिशत का बजट थोप रही है, प्रदेश सरकारों पर-
जिन राज्यों में बीजीपी की सरकार नही उनको जारी नही करेगा केंद्र बजट-

सोहना,विशाल राघव हरियाणा वरदान संवाददाता।
केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदली किए जाने से नाराज कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता पूरे देश मे अपना विरोध जता रहे है।इसी कड़ी में रविवार को सोहना के फौवारा चौक पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए सत्याग्रह किया।कांग्रेसी कार्यर्ताओं ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा तरीके से राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का नाम मिटाने और योजना का 40 फीसदी बजट राज्य सरकारों पर थोप कर उन पर आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है।
कस्बे के बीचों बीच बैठे सत्यग्रह पर-

कांग्रेस पार्टी ने जिला स्तर पर केन्द्र सरकार की मनरेगा योजना का नाम “जी राम जी’करने और योजना की नियम प्रणाली में भारी फेर बदल किए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल करतें हुए सत्याग्रह किया।कांग्रेस पार्टी के केकार्यकर्ता शहर के बीचो बीच शहीद भगत सिंह फव्वारा चौक पर सुबह 11 बजे से शाम:तीन बजे तक टेंट लगाकर बैठे कर मनरेगा का नाम बदलने का विरोध करते रहे।
केंद्र की भाजपा सरकार को जमकर कोसा-

इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केन्द्र की भाजपा सरकार को जमकर कोसा और मनमोहन सिंह के शासन काल में बनाई गई गरीब मजदूरों के लिए मनरेगा योजना से राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और उसके नियमों में भारी फेर बदल करने का आरोप लगाया। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष हर्ष वर्धन यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की नीति मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम को मिटाना है। कांग्रेस पार्टी योजना में राम के नाम का विरोध नहीं कर रही। बल्कि मजदूरों का रोजगार खत्म करने का काम कर रही है।कहा कि भाजपा मनरेगा का बजट पिछले 10 साल से कम करती आ रही है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और आज के सत्याग्रह की अध्यक्षता कर रहे पंकज भारजद्वाज ने कहा कि भाजपा देश की जनता को बरगला रही है। केन्द्र सरकार ने अब जी राम जी में रोजगार की कोेई गारंटी नही है। भाजपा ने राज्य सरकारों पर 40 फीसदी आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है। राज्य की सरकारे पहले से ही कर्जा में है। वर्तमान में हरियाणा के ऊपर भी भारी मात्रा में कर्जा है। राज्य सरकार जिसको चाहे उस मजदूर को रोजगार देगी। जबकि मनरेगा में हर गरीब मजदूर के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की योजना शामिल थी।







